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भिवंडी के मुख्य मार्गों सहित बाज़ारपेठ आदि क्षेत्रों के दुकानदारों सहित फेरीवालों एवं ठेलेवालों के कारण प्रायः यातायात बाधित होते रहता है। सड़कों के दोनों तरफ दुकानदारों सहित फेरीवालों के अतिक्रमण करने के कारण यातायात बाधित के दौरान उन्हें हटाने में यातायात पुलिस भी बेबश हो जाती है। जिसका खामियाजा आने-जाने वालों को उठाना पड़ता है। जिसमें सबसे अधिक परेशानी एंबुलेंस आदि से जाने वाले मरीजों एवं स्कूली बच्चों को होती है।
भिवंडी के मुख्य मार्गों सहित बाज़ारपेठ आदि क्षेत्रों के दुकानदारों सहित फेरीवालों एवं ठेलेवालों के कारण प्रायः यातायात बाधित होते रहता है। सड़कों के दोनों तरफ दुकानदारों सहित फेरीवालों के अतिक्रमण करने के कारण यातायात बाधित के दौरान उन्हें हटाने में यातायात पुलिस भी बेबश हो जाती है। जिसका खामियाजा आने-जाने वालों को उठाना पड़ता है। जिसमें सबसे अधिक परेशानी एंबुलेंस आदि से जाने वाले मरीजों एवं स्कूली बच्चों को होती है।
भिवंडी में अंजुरफाटा,कल्याण रोड एवं वंजारपट्टी नाका कहीं से भी शहर में प्रवेश करने पर हर जगह सड़कों के दोनों तरफ फेरीवालों के अतिक्रमण का शिकार होना ही पड़ेगा। भिवंडी के मुख्यमार्ग कल्याण रोड पर साईबाबा मंदिर के पास से राजीव गांधी चौक तक एमएमआरडीए द्वारा उड़ानपुल बनाया जा रहा है। उड़ानपुल बनाए जाने के कारण सड़क की चौड़ाई वैसे ही कम हो गई थी। वहीं दूसरी तरफ फेरीवालों के अतिक्रमण करने के कारण दोनों तरफ एक लेन की सड़क भी नहीं रह गई है। इसी प्रकार कल्याण रोड स्थित भादवड़ नाका एवं पाइप लाइन स्थित लकड़ा मार्केट के पास स्थिति अधिक खराब हो जाती है, इसी प्रकार शांतिनगर स्थित केजीएन चौक में तो फेरीवालों के अतिक्रमण के कारण दो लेन की सड़क में एक लेन की सड़क नहीं रह जाती है। गैबीनगर स्थित औलिया मस्जिद के पास सब्जी-भाजी वालों के अतिक्रमण के कारण वहां से निकलना आसान नहीं है। धामनकर नाका,कामतघर रोड स्थित गणेशनगर,अंजुरफाटा रोड,रतन टॉकीज से भंडारी रोड,मनपा मुख्यालय से तीनबत्ती, बाज़ारपेठ,वंजारपट्टी नाका, एसटी स्टैंड से बागेफिरदोस मस्जिद , दरगाह रोड,पुराना ठाणे रोड सहित शहर का कोई भी इलाका ऐसा नहीं है जहां फेरीवालों का अतिक्रमण न हो। फेरीवालों एवं ठेलावालों के अतिक्रमण के साथ दुकानदारों ने भी अपनी-अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण किया है। आए दिन हो रहे यातायात बाधित की समस्या को लेकर गैबीनगर में स्थानीय नगरसेवक सहित नागरिकों ने जब फेरीवालों एवं सब्जी-भाजी विक्रेताओं को गुलाब का फूल देकर गांधीगिरी किया तो पता चला कि यहां के दुकानदार ही फेरीवालों से किराया लेकर उन्हें खड़ा करते हैं जबकि उस समय अतिक्रमण हट गया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही स्थिति जैसी कि वैसी हो गई है।
पूरे शहर में कहीं भी पार्किंग की सुविधा न होने के कारण दूनानदारों एवं फेरीवालों के अतिक्रमण करने के बाद ग्राहक भी अपने वाहन सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं। जिससे बची खची सड़क भी अतिक्रमण का शिकार हो जाती है। एक तरफ सड़कों की हालत अति खराब दूसरी तरफ सड़कों पर अतिक्रमण होने के कारण प्रायः यातायात का बाधित रहना आम बात हो गई है, उस समय यातायात पुलिस भी बाधि होने से बेबश हो जाती है जो शहर वासियों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है।


